आर्थिक मंदी और आपदा की स्थिति में बेरोजगारी की पहली और सबसे बड़ी मार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को झेलनी पड़ती है। महामारी की दूसरी लहर ने इस क्षेत्र पर एक बार फिर से ताले लगा दिए हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआइई) के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में लागू सख्त पाबंदियों के कारण अकेले अप्रैल महीने में पचहत्तर लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं। इसमें तीन चौथाई हिस्सा असंगठित क्षेत्र का है।
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