सवाल प्राथमिकता का

सवाल प्राथमिकता का

कोरोना हमें मजबूर कर रहा है कि अब स्वास्थ्य सुरक्षा को मूल आवश्यकताओं की सूची में सबसे ऊपर रखा जाए, बिल्कुल रोटी और पानी के साथ। यानी जिस तर...
कोरोना महामारी ने तोड़ा सामाजिक ताना-बाना

कोरोना महामारी ने तोड़ा सामाजिक ताना-बाना

आज के कोरोना संकटकाल में जान बचाने के अलावा रोजी-रोटी बचाना और सामाजिक सरोकार, ताना-बाना बचाना बड़ी चुनौती है। कोरोना ने एक-दूसरे को दूर कर द...
चिकित्सा पत्रिका का राजनीतिक हो जाना

चिकित्सा पत्रिका का राजनीतिक हो जाना

भारतीयों की त्रासदी है कि वे विदेशी संस्थाओं, समाचारपत्रों एवं विचारकों को निष्पक्ष और हितकारी मान बैठते हैं। यह गलती औपनिवेशिक मानसिकता और ...
दांव पर यरूशलम

दांव पर यरूशलम

मध्यपूर्व में इजराइल की बढ़ती सामरिक ताकत अरब राष्ट्रवाद को चुनौती देती रही है। इस्लामिक नेतृत्व को लेकर अरब राष्ट्रों की आपसी प्रतिद्वंद्वित...
जहरीला होता भूजल

जहरीला होता भूजल

केंद्र सरकार 2024 तक प्रत्येक परिवार को साफ और शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराने की योजना पर कार्य कर रही है, लेकिन सवाल है कि नदियों, झीलों, ...
बड़े सुधार की जरूरत

बड़े सुधार की जरूरत

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में महामारी सब पर भारी पड़ रही है। सरकार की ओर से प्रयास तेज जरूर किए गए हैं, मगर जिस तरीके से स्वास्थ्य साम...
दम तोड़ती मदद की पुकार

दम तोड़ती मदद की पुकार

अलग-अलग सेवाओं के लिए ढेरों हेल्पलाइन नंबरों की भरमार जनता में सिवाय दुविधा बढ़ाने के और कुछ नहीं करती। इसके अलावा असंख्य हेल्पलाइनों से जुड़े...
जमीन का हक और महिलाएं

जमीन का हक और महिलाएं

पितृसत्तात्मक व्यवस्था में यह सोच बहुत गहरे पैठी हुई है कि जमीन पुरुषों के नाम ही होनी चाहिए। नौकरी के लिए पुरुषों के शहरी क्षेत्रों में प्र...
दूसरी लहर के असर

दूसरी लहर के असर

इस वक्त कई राज्यों में आंशिक बंदी के कारण एमएसएमई प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें एक बार फिर से ब्याज राहत की जरूरत पड़ सकती है। कोरोना प्रभावित ...