एफएटीएफ के जाल से निकलने के लिए पाकिस्तान, चीन, मलेशिया और तुर्की जैसे देशों की मदद ले रहा है। इसीलिए उसने दिखावे के तौर पर उसने जमात-उद-दावा जैसे संगठनों पर नाममात्र की कार्रवाई भी की है। लेकिन आतंकवाद के देशव्यापी ढांचे को खत्म करने का मंसूबा न तो वहां की सरकार में है और न ही वहां के धार्मिक संगठन ऐसा होने देंगे। आइएसआइ की भूमिका किसी से छिपी नहीं है।
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