देश को हर मामले में आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं से कोई कामधंधा खड़ा कर अपने जैसे दूसरे बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिए शुरू किए गए स्टार्टअप अभियान का फिलहाल हासिल यही है कि बड़े पूंजीपति भी अब उनके नाम से कन्नी काटने लगे हैं। इस बारे में उनका मत है कि इस अभियान के नाम पर नए नजरिए वाले कारोबार को अनंतकाल तक पैसा देते हुए घाटा नहीं सहा जा सकता।
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