एनजीटी का कहना है कि ठोस अपशिष्ट कचरे का निस्तारण न होने के कारण अधिकतर शहर महामारी के कगार पर पहुंच गए हैं। भारत सरकार की नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी के सर्वेक्षण के अनुसार, सत्तर का दशक शुरू होने के साथ ही औद्योगीकरण ने भारत के शांत मैदानों, झीलों, झरनों का परिदृश्य बदल दिया है, जहरीले भारी रासायनिक तत्त्वों से धरती के अंदर का जल निरंतर प्रभावित हो रहा है।
from Jansattaराजनीति – Jansatta https://ift.tt/3likumr
via
- Blogger Comment
- Facebook Comment
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)
0 comments:
Post a Comment