पानी के लिए मनुष्य प्रकृति पर निर्भर है, क्योंकि पानी का रासायनिक सूत्र जानने के बावजूद प्रयोगशालाओं में मानव उपयोग के लिए वांछित जल का निर्माण नहीं किया जा सकता। ऐसे में आवश्यकता इस बात की है कि पानी की मर्यादा का सम्मान किया जाए और बरसात के जल का समुचित संग्रहण किया जाए। अगर पानी की मर्यादा का सम्मान नहीं किया तो पानी की ऐसी कोई विवशता नहीं है कि वह अपनी सीमाओं को लांघने में संकोच करे।
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