हमारे यहां पारंपरिक तरीकों में नहरों और नलकूपों से पाइप लाइन बिछा कर खेतों की सिंचाई की जाती है। लेकिन अब तकनीक के वक्त में फव्वारों, ड्रिप और बौछार तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। इनसे तीस से पचास फीसद तक पानी की बचत होती है। साइप्रस, इजराइल और जॉर्डन जैसे छोटे देशों ने लगभग समूची खेती के लिए ये प्रणालियां अपना ली हैं।
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