कोठारी समिति ने 1970 के दशक में जब भारतीय भाषाओं के छात्रों के लिए सिविल सेवा के दरवाजे खोले थे तो उन्होंने कहा था कि जिन्हें इस देश की भाषाएं नहीं आतीं, उन्हें भारत की नौकरशाही में आने का कोई हक नहीं है।
from Jansattaराजनीति – Jansatta https://ift.tt/3nY8BCE
via
- Blogger Comment
- Facebook Comment
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)
0 comments:
Post a Comment