नदियों का संकट में होना आमजन के लिए भी संकट का कारण बन सकता है। सन 1951 में हमारे यहां प्रतिव्यक्ति चौदह हजार एक सौ अस्सी लीटर पानी सहजता से उपलब्ध था। लेकिन अनुमान है कि सन 2050 तक पानी की उपलब्धता तीन हजार एक सौ बीस लीटर प्रतिव्यक्ति ही रह जाएगी। यह स्थिति डराती है।
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