अतिराष्ट्रवाद की भावना को हथियार बना कर सत्ता के शीर्ष पर बने रहने के इतिहास में कई उदाहरण हैं, जिसमें जनता को भ्रमित कर उसका विश्वास जीत लिया जाता है और लोक कल्याण की भावना गौण हो जाती है। तानाशाहों के लिए सत्ता में बने रहने का यह प्रमुख अस्त्र माना जाता था। अब लोकतांत्रिक देशों में भी अधिनायकवाद मजबूत होकर कबीलाई संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है और यह दुनिया में अशांति बढ़ाने वाला प्रमुख कारक बन सकता है।
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