इमरान खान ने जनता को नए पाकिस्तान का सपना दिखाया था, लेकिन वे जनता से ज्यादा सेना के नुमाइंदे नजर आते हैं। देश की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई है। सेना बलूचिस्तान सहित कई इलाकों में आम जनता, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बना रही है। धन शोधन और आतंकियों को पैसे की मदद की रोकथाम के लिए पाकिस्तान वित्तीय कार्रवाई बल (एफएटीएफ) का भारी दबाव है और पाकिस्तान के समक्ष काली सूची में जाने का खतरा मंडरा रहा है।
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