एक दशक पहले इंजेक्शनों के असुरक्षित निस्तारण के कारण पूरी दुनिया में एचआइवी के 33800, हेपेटाइटिस-बी के सत्रह लाख और हेपेटाइटिस-सी के तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि अगर कोविड-19 महामारी के दौर में कोरोना विषाणु से ग्रसित कोई पीपीई किट, दस्ताना या मास्क कूड़े के ढेर पर यूं ही फेंक दिया गया होगा, तो उसका क्या अंजाम निकला होगा।
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