कोटपा कानून में संशोधन से बीड़ी उत्पादन, वितरण और व्यवसाय पर नियमन तो प्रभावी होगा, लेकिन इससे अशिक्षित और स्थानीय स्तर पर वन आधारित आजीविका चलाने वाले एक बड़े वर्ग के सामने रोजगार का खतरा खड़ा हो गया है। बीड़ी का उत्पादन और उसकी बिक्री से जुड़ा व्यवसाय मूल रूप से कुटीर उद्योग है।
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