शहर बनाने और शहर बसाने का मकसद सिर्फ यह नहीं होना चाहिए कि ढांचागत सुविधाओं के आधार पर वह रहने की एक शानदार जगह है, बल्कि अब जरूरी हो गया है कि वहां लोगों को वाजिब कीमत पर आवास के साथ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन के सारे साधन भी मिले। यही वह कसौटी है जिस पर खास तौर से उत्तर भारतीय शहर पिछड़ते जा रहे हैं।
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