अगर हर फैसला उपराज्यपाल के हिसाब से होने लगे, तो चुनी हुई सरकार का मतलब कुछ नहीं रह जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आप के नेता आसानी से हार मानने वाले नहीं हैं। दिल्ली के विधान में संशोधन करके उपराज्यपाल को ज्यादा ताकत देने के इस प्रयास से विपक्ष को भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ गोलबंद होने का एक और मौका मिल गया है। आप के नेता इस पर निर्णायक लड़ाई के लिए सड़क पर आ चुके हैं।
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