देश में आतंकवाद से निपटने के लिए एकल केंद्र स्थापित करने और एनआइए जैसी जांच एजेंसी का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन नक्सलियों से निपटने के लिए अभी तक ऐसी कोई रणनीति नहीं बन सकी है। एसटीएफ, सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा बटालियन के साझा खोजी अभियान के पहले गुप्तचर एजेंसियां नाकाम रहीं। जिस गांव में पहले से ही ताले लगे थे और नक्सली घरों के अंदर छिपे थे, इस योजना का पता न कर पाना सुरक्षा बलों के लिए जानलेवा साबित हुआ।
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