पिछले वर्ष से न्यायपालिका सक्रियता दिखाते हुए वृद्धजनों के तत्काल अस्पताल में भर्ती को वरीयता देने, उनको उपचार कराने और टीकाकरण में प्राथमिकता देने संबंधी निर्देश सरकारी और निजी अस्पतालों को समान रूप से देती रही है। आगे न्यायपालिका को इस प्रकार प्रभावित, निस्सहाय वृद्धजनों और अपने बच्चों में से दोनों या एक को खोने से अनाथ हुए वृद्धजनों के पुनर्वास हेतु भी गंभीर दिशा-निर्देशन देने की आवश्यकता है।
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