उनकी चिंता के केंद्र में संगठन और कार्यकर्ता हैं, तो सरकार और जनता भी है। यही कारण है कि केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकार के प्रति जन-जन का विश्वास बन पाया है। सरकार और जनता के बीच संगठन और कार्यकर्ता कैसे सफल और प्रभावी समन्यवयकारी भूमिका निभा सकता है, यह उनके अध्यक्षीय कार्यकाल की बहुत बड़ी उपलब्धि रही है। उनके निर्णय ‘अपना-तुपना से दूर’ और ‘तेरा तुझको अर्पण’ के पवित्र विचार को समर्पित रहे हैं।
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