समावेशी विकास रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, पानी व रोजगार समेत कई बुनियादी अर्थों से युक्त है। यह शासन की कसौटी भी है। भारत में साल 2025 तक नब्बे करोड़ से अधिक लोग सीधे इंटरनेट से जुड़ जाएंगे, जबकि मौजूदा स्थिति में यह आंकड़ा साठ करोड़ के आसपास है। जाहिर है, इंटरनेट से जुड़ाव मोबाइल-शासन को और ताकत देगा।
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