भारत 2017 में दक्षिण कोरिया स्थित अंतरराष्ट्रीय टीका संस्थान का सदस्य बना था। यह संस्थान कई बड़ी बीमारियों के उपचार के लिए सस्ते दर पर टीके विकसित करने का काम करता है। इसका सदस्य बनने और बने रहने के लिए किसी देश को हर साल इसमें पचास लाख डॉलर का वित्तीय योगदान करना होता है। भारत भी इसी शर्त के साथ इसका सदस्य बना हुआ है। यह भारत की वैश्विक स्वास्थ्य संरक्षण की धारणा को दर्शाता है।
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