देश में जेल सुधार की बुनियाद न्याय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी है। भारतीय न्याय तंत्र खुद ही न्यायाधीशों की कमी को दूर करने और लंबित मामलों के निपटारे की दोहरी चुनौती से जूझ रहा है। जब तक पर्याप्त जजों की नियुक्तियां नहीं की जाएंगी, तब तक त्वरित न्याय की आस पूरी नहीं होगी। जब समय पर न्याय नहीं होगा, तो जेलें विचाराधीन कैदियों से भरी रहेंगी।
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