महामारी के चलते लोगों ने जो पीड़ा भोगी है, वह कहीं न कहीं अच्छी सरकारों और उनके शासन पर बड़े सवाल खड़ी करती है। सत्ता को यह समझने की आवश्यकता है कि लोकतंत्र से भरा जनमानस जब अपनी सरकार को कमजोर, असहाय और उसके लिए बहुत कुछ कर पाने में सफल नहीं देखता है तो उसके माते पर चिंता की लकीरें उभरना लाजिमी हैं।
from Jansattaराजनीति – Jansatta https://ift.tt/3x7t5NX
via
- Blogger Comment
- Facebook Comment
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)
0 comments:
Post a Comment